हिन्दू महासभा के उद्देश्य
हिन्दू राष्ट्र और हिन्दू संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भारत में वैधानिक रीति से हिन्दू राज्य स्थापित कर हिन्दू महासभा के ध्येय को साध्य करने के लिए मैं निम्नलिखित उद्देश्य स्वीकृत करता हूँ :-
अखण्ड हिन्दुस्थान की स्थापना।
देश की संस्कृति तथा परम्परा के आधार पर भारत में विशुद्ध हिन्दू लोकराज का निर्माण।
विभिन्न जातियों तथा उपजातियों को एक अविच्छिन्न समाज में संगठित करना।
एक सामाजिक व्यवस्था का निर्माण, जिसमें राष्ट्र के सब घटकों के समान कर्तव्य तथा अधिकार।
राष्ट्र घटकों का मनुष्य के गुणों के आधार पर विश्वास दिलाकर विचार, प्रचार, और पूजा को राष्ट्रधर्म के अनुकूल स्वतन्त्रता का प्रबन्ध।
सादा जीवन-उच्च विचार तथा भारतीय नारीत्व के उदात्त प्राचीन आदर्शों की उन्नति करना, स्त्रियों, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना।
हिन्दुस्थान को सैनिक, राजनीतिक, आर्थिक, भौतिक रूप से शक्तिशाली तथा आत्मनिर्भर बनाना।
सर्व प्रकार की सामाजिक असमानता को दूर करना।
धन के वितरण में प्रचलित अस्वाभाविक असमानता को दूर करना।
देश का शीघ्रातिशीघ्र औद्योगीकरण करना।
जो लोग हिन्दू धर्म को छोड़ गये हैं, उनका तथा अन्य लोगों का हिन्दू समाज में स्वागत करना
गोरक्षा करना तथा गोवध बन्द कराना।
हिन्दी को राष्ट्रभाषा तथा देवनागरी को राष्ट्रलिपि बनाना
अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति तथा उन्नति के लिए हिन्दुस्थान के हित को प्राथमिकता देकर, दूसरे देशों से मित्रता बढ़ाना।
भारत को सामाजिक, आर्थिक, एवं वैज्ञानिक दृष्टि से विश्व शान्ति के रूप में प्रतिस्थापित करना।
