Shuddhi

Shuddhi

षड्यंत्र,भय एवं लालच के द्वारा सनातन हिंदू धर्म से दूसरे संप्रदाय में चले गए लोगों का यज्ञ द्वारा शुद्धिकरण कराकर पुनः सनातन हिंदू धर्म में वापसी करायी जाती है।अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा शुद्धि का कार्य हिन्दू महासभा के महान नेताओं स्वामी श्रद्धानंद जी,स्वातंत्र्य वीर सावरकर जी द्वारा प्रारंभ किया गया था।
यह व्यवस्था अखिल भारत हिन्दू महासभा के मुख्यालय हिन्दू महासभा भवन, मंदिर मार्ग,नईदिल्ली में निःशुल्क संचालित की जाती है।
हिंदू महासभा द्वारा की जाने वाली “शुद्धि” का कार्य एवं उद्देश्य ऐतिहासिक एवं वैचारिक दृष्टि से समझा जा सकता है।
“शुद्धि आंदोलन” का संबंध मुख्यतः उन प्रयासों से रहा है जिनका उद्देश्य उन व्यक्तियों या समुदायों को पुनः हिंदू धर्म में लाना है,जिन्होंने किसी कारणवश अन्य धर्म अपनाया हो या स्वयं को पुनः हिंदू परंपरा से जोड़ना चाहा हो।

ऐतिहासिक रूप से हिन्दू महासभा के प्रमुख शुद्धि कार्य एवं उद्देश्य निम्नलिखित रहे हैं:

1. सनातन हिन्दू धर्म में पुनः प्रवेश (घर वापसी)
* ऐसे व्यक्तियों या समुदायों का सनातन हिंदू धर्म में पुनः स्वागत करना जो स्वेच्छा से हिंदू परंपरा में लौटना चाहते हों।
* वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार यज्ञ एवं संस्कारों का आयोजन करना।

1. हिंदू समाज का संगठन

* हिंदू समाज में एकता,संगठन और सामूहिक पहचान को सुदृढ़ करना।
* हिन्दू समाज के विभिन्न जातियों के बीच सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना।

1. सांस्कृतिक संरक्षण

* हिंदू धार्मिक परंपराओं,रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रयास करना।
* भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना।

1. सामाजिक सुधार

* अस्पृश्यता,जातिगत भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के प्रयास करना।
* समाज में समानता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना।

1. जनजागरण एवं शिक्षा

* धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
* समाज में इतिहास,संस्कृति और परंपराओं के प्रति ज्ञान का प्रसार करना।

अखिल भारत हिन्दू महासभा संगठन द्वारा “शुद्धि” या “घर वापसी” या किसी भी धार्मिक परिवर्तन या हिन्दू धर्म में पुनः प्रवेश की प्रक्रिया में व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा,संवैधानिक अधिकार और कानून का पूर्ण पालन किया जाता है।